006 मुहासे(पिंपल्स) होने के कारण और उसका उपचार

 मुहासे(पिंपल्स) होने के कारण और उसका उपचार



मुहांसे या पिंपल्स के बारे में तो आप सभी जानते हैं। हालांकि तैलीय त्वचा वाले लोग मुहांसे से अधिक ग्रस्त होते हैं, यह किसी को भी हो सकते हैं. मुहांसे मूल रूप से तेल ग्रंथियों से संबंधित एक विकार है. ये तेल ग्रंथियां त्वचा के नीचे मौजूद हैं. हार्मोनल परिवर्तनों के कारण तेल के ग्रंथि की गतिविधि एक व्यक्ति के जीवन के किशोर वर्षों में बढ़ जाती है. जिसके कारण पिंपल्स होते हैं.

मुंहासे होने का कारण है

हार्मोन में बदलाव – टीनेज और गर्भावस्था के दौरान हार्मोन बदलते रहते हैं. इन जीवन की घटनाओं के दौरान, तेल ग्रंथियों की गतिविधि बढ़ जाती है और कभी-कभी अत्यधिक सेबम का उत्पादन होने लगता है जो कि त्वचा के फॉलिकल को रोकता है और पिंपल्स का कारण बनता है.


पाचन तंत्र में परेशानी – जब पाचन प्रक्रिया उतनी अच्छी नहीं होती है जितनी कि होनी चाहिए, तब अन्य स्वास्थ्य संबंधित विकारों की समस्याएं होने लगती हैं. शरीर में जमे विषाक्त पदार्थ मुंहासे के निर्माण में योगदान कर सकते हैं. परेशान पाचन तंत्र आमतौर पर वात असंतुलन की वजह से होता है. यह सूखा, मसालेदार और तेलयुक्त खाद्य पदार्थों के सेवन के कारण हो सकता है. कच्चे और अधपके भोजन तथा ठंडे पेय और आइसक्रीम जैसे ठंडे व्यंजनों से भी पिंपल्स होते हैं बेहतर पाचन के लिए स्वस्थ और गर्म भोजन खाएं.


नींद की कमी है पिंपल्स का कारण – किसी भी वजह से पर्याप्त नींद ना मिलना, आपकी प्राकृतिक चयापचय दर में दखल कर सकता है. अनुचित नींद का कारण तनाव होता है जिसका शरीर में चयापचय प्रक्रियाओं पर सीधा प्रभाव पड़ता है. यदि ये प्रक्रियाएं अपनी क्षमता खो देती हैं तो शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा हो जाते हैं जो अंत में मुंहासे का निर्माण करते हैं.


मुंहासे के कारण हैं क्रीम लोशन का अधिक उपयोग – अपने चेहरे और गर्दन पर विभिन्न प्रकार के क्रीम और लोशन का प्रयोग करना भी कभी-कभी पिंपल्स का कारण होता है. ये त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं और कभी-कभी त्वचा अवांछित विषाक्त पदार्थों से भर जाती है जिससे मुंहासे होते हैं.


मुंहासे (पिंपल्स) के बचाव के उपाय

मुंहासे से बचाव के लिए क्या खाएं – आपको स्वस्थ, गर्म और पका हुआ खाना खाना चाहिए जो सूखा ना हो. गर्म और मसालेदार भोजन से बचने की कोशिश करें. ये पित्त दोष को बढ़ाकर त्वचा में सूजन पैदा कर सकता है. शराब, चीज़ और कॉफी का सेवन कम करें. सामान्य तापमान का पानी पिएं और ठंडे पानी का सेवन नहीं करें. आइसक्रीम और ठंडे पेय का सेवन कम करना चाहिए. कच्चे भोजन के सेवन से बचना चाहिए.


पिम्पल्स को रोकने का उपाय है त्वचा की देखभाल – अपनी त्वचा की अच्छी देखभाल करें. त्वचा को धोने के लिए हर्बल साबुन का उपयोग करें जो आपकी त्वचा को मुलायम रखे. केमिकल्स वाले विभिन्न प्रकार के सौंदर्य कास्मेटिक का उपयोग नहीं करें. यह लंबे समय में आपके चेहरे को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा धूल और गंदगी से अपने चेहरे की रक्षा करें. अपने चेहरे पर अपने हाथों को ना रखें क्योंकि हाथ के संपर्क से हाथों के बैक्टीरिया आपके चेहरे पर जा सकते हैं. सूरज की रोशनी में जाना अच्छा है लेकिन सुनिश्चित करें कि आप सूरज की रोशनी में बहुत समय तक नहीं रहें। अत्यधिक देर सूरज की रोशनी में रहने से मुंहासे हो सकते हैं. सूरज की रोशनी में निकलते समय आप को अपना चेहरा ठीक से ढकना चाहिए.


मुंहासे के उपचार के लिए अच्छी नींद लें – मुंहासे के उपचार के लिए एक बहुत ही सरल उपाय है आप अच्छी नींद लें. एक स्वस्थ और कुशल चयापचय प्रणाली को बनाए रखने के लिए प्रतिदिन कम से कम 7-8 घंटे के लिए सोना बहुत महत्वपूर्ण है. यदि आप ठीक से सोते नहीं हैं,  तो आपका मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है जिसके परिणामस्वरूप आपका मेटाबोलिज्म प्रभावित हो सकता है. इसलिए आप अच्छे से आराम करें जिससे आप सुबह उठने पर ताज़ा और खुश महसूस करें.


व्यायाम है मुंहासे दूर करने का उपाय – व्यायाम करने से तनाव कम होता है और शरीर से पसीना भी निकलता है. पसीना शरीर से विषाक्त पदार्थों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है, इस प्रकार यह मुंहासे को रोकने में भी फायदेमंद है. व्यायाम करने के बाद स्नान जरूर करें.





007   क्या होगा अगर खाने के बाद पिएंगे चाय  

https://healthcare-tips-odisha.blogspot.com/2025/04/007.html




Visit website

Comments

Popular posts from this blog

026 यूपी में गोमूत्र को स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक पेय के रूप में दिया जाएगा बढ़ावा

003 इस जड़ को मुँह में रखने मात्र से मिटते हैं इतने रोग कि आप जानकर चोंक जाएंगे

143 खून बढ़ाने का ऐसा तरीका, जो हर उम्र में काम आएगा